हरिद्वार। केतन हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए टिहरी जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और खानपुर विधायक उमेश कुमार को रविवार को हरिद्वार में पुलिस ने रोक दिया

Report Arun Kashyap

हरिद्वार। केतन हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए टिहरी जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और खानपुर विधायक उमेश कुमार को रविवार को हरिद्वार में पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद समर्थकों के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करने पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हो गई। हंगामे के बीच सांसद की शर्ट फट गई और दोनों नेता समर्थकों के साथ हाईवे किनारे धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले गतिरोध के बाद आईजी गढ़वाल के हस्तक्षेप और आश्वासन पर दोनों नेता वापस लौट गए।

रविवार सुबह आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह समर्थकों के साथ टिहरी रवाना होने के लिए हरिद्वार पहुंचे। शंकराचार्य चौक पर पहले से मौजूद पुलिस और अर्द्धसैनिक बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। कुछ ही देर बाद नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और खानपुर विधायक उमेश कुमार भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए सभी को आगे जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इस पर दोनों नेता वाहन छोड़कर पैदल आगे बढ़ने लगे। अलकनंदा होटल के समीप पुलिस ने दोबारा घेराबंदी कर उन्हें रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें सांसद चंद्रशेखर आजाद की शर्ट फट गई। इसके बाद सांसद, विधायक और उनके समर्थक हाईवे किनारे बैठ गए और टिहरी जाने की अनुमति की मांग पर अड़ गए।

सूचना मिलने पर एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और नेताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने आगे जाने की अनुमति मिलने तक उठने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे बाद आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने सांसद चंद्रशेखर आजाद से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मामले में आवश्यक कार्रवाई और जल्द ही पीड़ित परिवार से मुलाकात कराने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने धरना समाप्त किया और हरिद्वार से वापस लौट गए।

 

धरना समाप्त करने के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित सांसद और राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के साथ पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया, लाठियां चलाईं और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग करना उत्तराखंड में अपराध बना दिया गया है और पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है।

चंद्रशेखर ने दावा किया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह, मेघराज और अंबरीश कपिल के साथ भी मारपीट की गई, जबकि विधायक उमेश कुमार को भी चोटें आईं। उन्होंने कहा कि केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार को सुरक्षा की जरूरत है और जब तक वह परिवार से नहीं मिलेंगे, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। विधायक उमेश कुमार ने कहा कि वह केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और अर्द्धसैनिक बल ने उनके समर्थकों के साथ धक्का-मुक्की की और लाठी भी चलाई। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।