ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में वन विभाग के खिलाफ धरना, मारपीट और उत्पीड़न के आरोप

रिपोर्ट लक्ष्मण

ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में वन विभाग के खिलाफ धरना, मारपीट और उत्पीड़न के आरोप

हरिद्वार (श्यामपुर):

श्यामपुर स्थित वन विभाग के रेंज कार्यालय के बाहर सोमवार को ग्रामीणों ने ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बेवजह मारपीट करने और उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए।

धरने का नेतृत्व रसूलपुर मीठी बेरी के ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी और पीली पड़ाव के ग्राम प्रधान शशिपाल झंडवाला ने किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी लंबे समय से उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और उनके परंपरागत मार्ग को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस कच्चे मार्ग का वर्षों से उपयोग किया जा रहा है, उसे अचानक बंद कर दिया गया है, जबकि अन्य व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं है। इसके अलावा, ग्रामीणों और वन गुर्जरों के बीच वर्षों से चल रही पराली और गोबर की अदला-बदली पर भी अब प्रतिबंध लगाया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने वन दरोगा और श्यामपुर रेंजर के तत्काल स्थानांतरण की मांग की।

सूचना मिलने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला मौके पर पहुंचीं और उन्होंने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने मौखिक आदेश जारी करते हुए फॉरेस्टर नवीन का पीली से खारा स्थानांतरण कर दिया।

ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ग्रामीणों के साथ गुंडागर्दी कर रहे हैं और हाल ही में एक निर्दोष ग्रामीण के साथ मारपीट की गई है। वहीं, शशिपाल झंडवाला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीणों को आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर उनका शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।