रिपोर्ट रणबीर नेगी जनहित इंडिया
भारतीय सेना और ट्रस्ट ने की ट्रेक रूट की रेकी; 23 मई से शुरू होगी यात्रा
चमोली। सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री हेमकुंट साहिब की आगामी वार्षिक यात्रा को लेकर तैयारियाँ तेज हो गई हैं। आज भारतीय सेना के जवानों और गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों ने संयुक्त रूप से गोविंदघाट से धाम तक के पैदल मार्ग का निरीक्षण किया। “हम भारतीय सेना के साथ निरंतर समन्वय में हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बर्फ हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकें।”
हिमालय की गोद में स्थित श्री हेमकुंट साहिब अपनी अलौकिक शांति और नीले पानी के पवित्र सरोवर के लिए विश्वभर में विख्यात है। चारों ओर बर्फबारी से लदे शिखर और घने जंगल इस स्थान को आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनाते हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर और पूरी तैयारी के साथ ही यात्रा पर निकलें।
रेकी दल की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित श्री हेमकुंट साहिब वर्तमान में पाँच से छह फीट तक बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। मुख्य मार्ग पर स्थित अटलकोटी ग्लेशियर पॉइंट पर भी भारी मात्रा में बर्फ मौजूद है, जो यात्रा मार्ग की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
विशेषज्ञों और सेवादारों का मानना है कि पिछले दस दिनों में हुई ताज़ा बर्फबारी चिंता का विषय नहीं है। यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहता है और चटक धूप निकलती है, तो यह ताज़ा बर्फ तेजी से पिघल जाएगी। इससे सेना के जवानों के लिए रास्ता साफ करने का कार्य सुगम हो जाएगा।
15 अप्रैल से मोर्चा संभालेगी भारतीय सेना
यात्रा को समय पर और सुरक्षित रूप से शुरू करने के लिए भारतीय सेना की एक विशेष टुकड़ी 15 अप्रैल के बाद गोविंदघाट से रवाना होगी।
