तीन दिन बाद हो जाएगी शुरू कांवड़ यात्रा, अभी तक नहीं हुआ कांवड़ बाजार का ठेका,
कैसे होगी व्यवस्था : बड़ा सवाल
रिपोर्ट:अरुण कश्यप!
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब महज कुछ दिन शेष हैं, लेकिन नगर निगम हरिद्वार अब तक कांवड़ बाजार का टेंडर जारी नहीं कर पाया है। इसे लेकर व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांवड़ बाजार को पूरे मेले का केंद्र बिंदु माना जाता है, जहां से लाखों शिवभक्त कांवड़, पूजन सामग्री और अन्य आवश्यक सामान खरीदकर गंगाजल भरने के बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं।जानकारों का कहना है कि टेंडर में स्पष्ट प्रावधान होता है कि ठेकेदार को अपने स्तर पर बिजली, पेयजल, शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी होती हैं। ऐसे में यदि अंतिम समय में टेंडर आवंटित भी किया जाता है, तो सवाल यह है कि ठेकेदार इतने कम समय में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कैसे पूरी कर पाएगा।गौरतलब है कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित पूर्व में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दे चुके हैं कि 25 जुलाई तक कांवड़ मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। इसके बावजूद कांवड़ बाजार का टेंडर लंबित होना प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
यदि समय रहते बाजार की व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुईं तो इसका सीधा असर लाखों कांवड़ यात्रियों, व्यापारियों और मेले की समग्र व्यवस्था पर पड़ सकता है। भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं में अव्यवस्था की आशंका भी बढ़ गई है।अब सभी की निगाहें नगर निगम प्रशासन पर टिकी हैं कि वह शेष बचे समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर पाता है या नहीं। कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में किसी भी स्तर की देरी श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मेले की व्यवस्थाओं पर भारी पड़ सकती है।
