तीन श्रद्धालुओं के खोए मोबाइल बरामद कर लौटाए, SI संदीप वर्मा ने पेश की ईमानदारी की मिसाल करीब ₹1.08 लाख कीमत के मोबाइल तलाशकर मालिकों को सौंपे, श्रद्धालुओं ने कहा—हरिद्वार पुलिस पर बढ़ा भरोसा

देश जनहित | रिपोर्ट: कालू वर्मा

 

हरिद्वार। खाकी वर्दी केवल कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जरूरत के समय आमजन के साथ खड़े होने का नाम भी है। हरिद्वार पुलिस के रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक (SI) संदीप वर्मा ने अपने कार्य से इसी भावना को साबित किया है। उन्होंने तीन श्रद्धालुओं के खोए हुए कीमती मोबाइल फोन अथक मेहनत और लगातार प्रयासों के बाद बरामद कर सुरक्षित उनके मालिकों को वापस सौंप दिए।

 

बरामद किए गए तीनों मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब ₹1,07,990 बताई गई है। इनमें एक मोबाइल करीब ₹70,000, दूसरा ₹8,000 और तीसरा मोबाइल करीब ₹29,990 कीमत का था।

 

जानकारी के अनुसार, हरिद्वार पहुंचे तीन श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन कहीं गुम हो गए थे। कीमती मोबाइल खो जाने के बाद श्रद्धालु काफी परेशान थे। ऐसे समय में उनकी परेशानी को समझते हुए SI संदीप वर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और मोबाइल तलाशने के लिए लगातार प्रयास शुरू किए।

 

संदीप वर्मा ने अपनी ड्यूटी को महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ मोबाइल फोन की तलाश की। लगातार प्रयासों और गहन तलाश के बाद आखिरकार तीनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए।

 

मोबाइल फोन बरामद होने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे इंतजार के बाद अपने कीमती मोबाइल वापस पाकर तीनों श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी लौट आई।

 

श्रद्धालुओं ने कहा—ऐसी पुलिसिंग से बढ़ता है भरोसा

 

मोबाइल वापस मिलने पर श्रद्धालुओं ने हरिद्वार पुलिस का आभार जताया और विशेष रूप से SI संदीप वर्मा की मेहनत, तत्परता और ईमानदारी की जमकर सराहना की।

 

श्रद्धालुओं का कहना था कि मोबाइल खो जाने के बाद वे काफी परेशान थे, लेकिन पुलिस ने उनकी परेशानी को गंभीरता से लिया और मेहनत करके उनके कीमती फोन वापस दिलाए। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से उनके मन में हरिद्वार पुलिस के प्रति सम्मान और विश्वास और मजबूत हुआ है।

 

संदीप वर्मा की कार्यशैली बनी चर्चा का विषय

 

तीनों श्रद्धालुओं के करीब ₹1.08 लाख के मोबाइल वापस कराना केवल एक बरामदगी नहीं, बल्कि पुलिस की जिम्मेदारी और ईमानदार कार्यशैली का उदाहरण है। SI संदीप वर्मा ने जिस लगन से श्रद्धालुओं की मदद की, वह पुलिस विभाग के अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

 

पुलिसकर्मी जब अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर किसी परेशान व्यक्ति की मदद करता है, तो उसका सीधा असर जनता के विश्वास पर पड़ता है। SI संदीप वर्मा की इस कार्रवाई ने यही भरोसा मजबूत किया है कि खाकी जरूरत पड़ने पर आम नागरिक के साथ खड़ी है।

 

हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के बीच इस तरह की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पहल पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करती है। संदीप वर्मा की मेहनत और ईमानदारी के लिए श्रद्धालुओं की ओर से मिली प्रशंसा निश्चित रूप से पुलिस विभाग के लिए गौरव की बात है।

 

ईमानदारी और मेहनत को मिले सम्मान

 

SI संदीप वर्मा की इस सराहनीय कार्यशैली की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। ऐसे पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन और सम्मान पूरे विभाग के मनोबल को बढ़ाता है।

 

तीन श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी लौटाने वाले SI संदीप वर्मा की मेहनत ने एक बार फिर साबित किया—ईमानदार पुलिसिंग सिर्फ कार्रवाई करने का नाम नहीं, बल्कि जनता का खोया हुआ भरोसा लौटाने का भी नाम है।