रिपोर्ट अरुण कश्यप जनहित इंडिया
दिव्य और भव्य कुंभ आयोजन के लिए मेला प्रशासन व आश्रमों का साझा संकल्प
हरिद्वार।
आगामी कुंभ मेले के सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफल आयोजन को लेकर मेला प्रशासन द्वारा अखाड़ों, आश्रमों, धार्मिक संस्थाओं एवं साधु-संतों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को सीसीआर भवन में मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका की अध्यक्षता में कुंभ क्षेत्र के आश्रम संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में आश्रमों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार और मेला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे विराट धार्मिक आयोजन को दिव्य और भव्य बनाने के लिए सभी आश्रम अपनी पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान देंगे।
मेलाधिकारी सोनिका ने आश्रम संचालकों को आश्वस्त किया कि कुंभ मेले के दौरान आश्रमों को आवश्यक सुविधाएं और सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों के संपर्क नंबर साझा करते हुए कहा कि किसी भी समस्या, सुझाव या सहायता के लिए आश्रम प्रतिनिधि सीधे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अखाड़ों, आश्रमों, धार्मिक संगठनों और संत समाज के साथ सतत संवाद एवं समन्वय की प्रभावी व्यवस्था की गई है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुंभ मेले के अंतर्गत हरिद्वार में लाइट एवं साउंड शो आयोजित करने की योजना है। साथ ही पूरे कुंभ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मेला अधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला आस्था और संस्कृति का महापर्व है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था में आश्रमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन आश्रमों को हरसंभव सहयोग देगा और उनके सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि मेले से संबंधित सभी प्रमुख स्थायी कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिन्हें आगामी अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। सड़कों, पुलों और घाटों के सुधार व विस्तार के साथ-साथ स्वच्छता, सुरक्षा और आवागमन की सुगमता को प्राथमिकता दी जा रही है।
महामंडलेश्वरों एवं संत प्रतिनिधियों ने मेले की तैयारियों की सराहना करते हुए स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पॉलीथीन पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान शटल सेवाएं, रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव, बिजली-पानी बिलों में राहत और आधारभूत ढांचे के सुधार जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।
बैठक में उप मेला अधिकारी आकाश जोशी, मनजीत सिंह गिल, एसएओ इंद्रेश लोहनी, व्यवस्थाधिकारी विकास शर्मा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी एवं आश्रम प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कुंभ मेले को भव्य, सुव्यवस्थित और अनुकरणीय बनाने का संकल्प दोहराया।
