रिपोर्ट अरुण कश्यप जनहित इंडिया
गंगा का रुख बदला, हाईवे जो बड़ा खतरा…
अब टेट्रापॉड देंगे सुरक्षा कवच”।
गंगा के कटाव से बचेगा हाईवे, हरिद्वार में 1000 से अधिक टेट्रापॉड डाले जा रहे,
हरिद्वार। गंगा के तेज कटाव से हर की पैड़ी के पास स्थित हाईवे और तटबंधों को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने हरिद्वार में बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू किया है। विभाग द्वारा गंगा किनारे 800 से अधिक टेट्रापॉड डाले जा रहे हैं, जिन्हें करीब 200 मीटर क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही बीच-बीच में स्पर और सीसी ब्लॉक भी बनाए जाएंगे, ताकि तटबंधों को और अधिक मजबूती मिल सके।
जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि पिछले करीब 6 वर्षों से बाढ़ के समय गंगा का रुख लगातार इस ओर बढ़ रहा था। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि फ्लड समय पर किसी भी समय गंगा का तेज बहाव हाईवे तक कटाव कर सकता था। इसे देखते हुए विभाग ने टेट्रापॉड तकनीक अपनाने का निर्णय लिया।उन्होंने बताया कि इस तकनीक का सफल परीक्षण शारदा नदी में पहले ही किया जा चुका है, जहां तटबंध आज भी सुरक्षित हैं। टेट्रापॉड समुद्री और नदीय कटाव रोकने की प्रभावी तकनीक मानी जाती है। यह संरचनाएं सबसे पहले मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास समुद्री लहरों से सुरक्षा के लिए प्रमुख रूप से देखी गई थीं। अब यही तकनीक हरिद्वार में गंगा के कटाव को रोकने में उपयोग की जा रही है।विकास त्यागी ने बताया कि दूसरी ओर नमामि गंगे परियोजना के घाट निर्माण के कारण भी पिछले 6 वर्षों में इस दिशा के तटबंध कमजोर और क्षतिग्रस्त होते जा रहे थे। इस वर्ष स्थिति काफी गंभीर हो गई थी, लेकिन अब टेट्रापॉड, स्पर और सीसी ब्लॉकों के निर्माण से इस क्षेत्र में कटाव की आशंका काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
