देहरादून में अवैध सिम बॉक्स से चल रहे संदिग्ध कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तारक्रेडिट कार्ड के नाम पर ग्राहकों को कॉल कर धमकी और दबाव बनाने का आरोप, 45 सिम कार्ड समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

Report Kalu Verma Desh janhit

 

देहरादून। उत्तराखंड STF और देहरादून पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देहरादून में अवैध सिम बॉक्स के माध्यम से संचालित किए जा रहे एक संदिग्ध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में कंपनी के मैनेजर और रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया है।

 

यह कार्रवाई दूरसंचार विभाग से मिले इनपुट के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि जीएमएस रोड, कमला पैलेस के निकट स्थित कैरियर हाउस बिल्डिंग में SINGH ASSET RECON SERVICES PRIVATE LIMITED (SARS) के कार्यालय में संदिग्ध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।

 

पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर में DINSTAR कंपनी का 32 स्लॉट वाला सिम बॉक्स इस्तेमाल किया जा रहा था। दूरसंचार विभाग की अधिकारी ने सिम बॉक्स की पुष्टि की। पुलिस के मुताबिक ऐसे उपकरण के माध्यम से कॉल की वास्तविक पहचान छिपाई जा सकती है और इसका इस्तेमाल धोखाधड़ी समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता है।

 

45 सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

 

तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से:

 

– 01 DINSTAR कंपनी का 32 स्लॉट सिम बॉक्स

– 45 सिम कार्ड

– 01 DELL कंपनी का लैपटॉप

– 02 XSTREAM FIBER राउटर

– 01 SK Hynix कंपनी की 04 GB RAM

– 02 ATM कार्ड

– अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

 

बरामद किए।

 

पुलिस के अनुसार बरामद सिम कार्ड में 43 BSNL, 02 Jio और 01 VI के सिम कार्ड उपलब्ध विवरण के अनुसार पाए गए।

 

कई बैंकों के ग्राहकों का क्रेडिट कार्ड डेटा मिला

 

पुलिस के मुताबिक बरामद लैपटॉप की जांच में SBI, BOB, AXIS BANK, POONAWALLA FINANCE, YES BANK और RBL सहित विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा मिला है। मामले में डेटा के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर अग्रिम विवेचना की जा रही है।

 

क्रेडिट कार्ड के नाम पर ग्राहकों को कॉल

 

पूछताछ में पुलिस के अनुसार सामने आया कि कॉल सेंटर से लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और उससे जुड़े लाभ बताने के नाम पर कॉल की जाती थी। आरोप है कि कई मामलों में ग्राहकों से शीघ्र धनराशि जमा कराने के लिए धमकी और दबाव बनाया जाता था, जिसके बाद ग्राहक अपनी संवेदनशील जानकारी अथवा धनराशि उपलब्ध करा देते थे।

 

कॉल सेंटर में करीब 39 अन्य युवक-युवतियों को भी कमीशन के आधार पर काम पर रखे जाने की जानकारी सामने आई है।

 

1600 नंबर सीरीज के बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से कॉलिंग

 

जांच में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर द्वारा निर्धारित 1600 नंबर सीरीज का प्रयोग नहीं किया जा रहा था। इसके बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से ग्राहकों को कॉल की जा रही थी।

 

पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, पहचान संबंधी जानकारी के दुरुपयोग और दूरसंचार विभाग के निर्धारित मानकों के उल्लंघन से संबंधित पाया गया।

 

दो आरोपी गिरफ्तार

 

पुलिस ने कंपनी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।

 

1. लक्ष्मण प्रसाद पुत्र श्रीपत

निवासी सेखन फाटक, चरखारी स्टेट, महोबा, उत्तर प्रदेश। वर्तमान निवासी चन्द्रमणी फेस-2, थाना पटेलनगर, देहरादून।

पद: कंपनी मैनेजर

 

2. जगमोहन सिंह रावत पुत्र धर्मेन्द्र सिंह रावत

निवासी डीए-87, तृतीय तल, माता चौक, रंगपुरी, थाना बसंत कुंज, नई दिल्ली।

पद: कंपनी रीजनल मैनेजर

 

इन धाराओं में मुकदमा दर्ज

 

दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में मु0अ0सं0 49/2026 दर्ज किया गया है।

 

मामले में धारा 318(4), 319(1), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, धारा 66(C), 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा धारा 42(1), 42(3) दूरसंचार अधिनियम 2023 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। मामले में अग्रिम विवेचना जारी है।

 

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

 

1. निरीक्षक आशीष गुसाईं

2. निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला

3. उ0नि0 राजेश ध्यानी

4. उ0नि0 वजिन्द्र सिंह नेगी

5. उ0नि0 हिम्मत सिंह

6. उ0नि0 जगमोहन राणा

7. उ0नि0 मुकेश चन्द

8. अपर उ0नि0 गोपाल सिंह

9. अपर उ0नि0 पवन कुमार

10. हे0का0 दिनेश पालीवाल

11. का0 नीरज नेगी

12. का0 नितीन

13. का0 सुधीश खत्री

 

दूरसंचार विभाग की ओर से:

श्रीमती मीनू कुमारी, जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर, DOT/MOC UPW LSA उत्तराखण्ड फील्ड यूनिट देहरादून।

 

साइबर धोखाधड़ी से बचने की अपील

 

STF ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग एवं क्रेडिट कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी, OTP अथवा अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। बैंक या वित्तीय संस्थान के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल से सतर्क रहें।

 

किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।