हरिद्वार हत्याकांड में फरार ₹50 हजार का इनामी आरोपी चंडीगढ़ से गिरफ्तार, STF की कार्रवाई कनखल के श्रद्धा भक्ति आश्रम में वर्ष 2024 में हुई महंत गोविन्द दास की हत्या के मामले में था वांछित, लंबे समय से फरार चल रहा था आरोपी

रिपोर्ट कालू वर्मा देश जनहित  

 

 

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए हत्याकांड के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ₹50 हजार के इनामी आरोपी को चंडीगढ़, पंजाब से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप (30 वर्ष), पुत्र बृजपाल, निवासी ऊदपुर, झिझाना, शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।

 

STF के अनुसार, आरोपी थाना कनखल में दर्ज हत्या के मुकदमे में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही थी। इनपुट विकसित करने, मैनुअल पुलिसिंग और पतारसी-सुरागरसी के आधार पर STF ने आरोपी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया।

 

श्रद्धा भक्ति आश्रम में हुई थी महंत की हत्या

 

वर्ष 2024 में कनखल क्षेत्र स्थित श्रद्धा भक्ति आश्रम में गुरुजी महंत गोविन्द दास के शिष्य विशम्बर दास (करीब 73 वर्ष) की हत्या कर दी गई थी। STF की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कुल छह आरोपी प्रकाश में आए थे।

 

इनमें से चार आरोपियों को हरिद्वार पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। इसके बाद 20 सितंबर 2026 को STF ने एक अन्य आरोपी सौरभ उर्फ नीटू को बागपत से गिरफ्तार किया था। वहीं, प्रदीप लगातार फरार चल रहा था।

 

आरोपी पर घोषित था ₹50 हजार का इनाम

 

पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके घर की कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी। उसकी गिरफ्तारी पर उच्चाधिकारियों की ओर से ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

 

STF के मुताबिक, आरोपी वर्तमान में पंजाब में छोटा हाथी वाहन से माल की डिलीवरी का काम कर रहा था। प्राप्त इनपुट के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

STF की टीम ने की कार्रवाई

 

इस कार्रवाई में निरीक्षक अबुल कलाम, उपनिरीक्षक नरोत्तम सिंह बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक हितेश कुमार, मुख्य आरक्षी संजय कुमार, वीरेंद्र नौटियाल, बृजेन्द्र सिंह चौहान तथा आरक्षी अनिल कुमार और मोहन असवाल शामिल रहे।

 

STF के अनुसार, उत्तराखंड में वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।

 

स्रोत: उत्तराखंड STF की प्रेस विज्ञप्ति।